What we should offer to God - Geeta 9/26 - H.H. Dr. Pranav Pandya @ DSVV Ashwin Navratri 2015

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नवरात्रि प्रथम दिवस - नवरात्रि साधना स्वाध्याय 13 Oct 2015 ।- श्रद्धेय डॉ. प्रणव पंड्या जी
विषय - 9वां अध्याय श्लोक 26 निष्काम भक्तियोग, श्लोक 26 से 34 तक
गीत - अपनी भक्ति का अमृत पिला दो प्रभु, पार नैय्या मेरी लगा दो प्रभु।

* स्वाध्याय- निरंतर परमात्म चिंतन में रमण करना।
* इस संसार में मन भगता है , उस भागते हुए मन को CONTROL कर परमात्म चिंतन में लगाना। परमात्मा अर्थात् आदर्शों का समुच्चय ।


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